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हूती हमले पर भारत का सख्त रुख सऊदी अरब के समर्थन में दिया बड़ा बयान
nidhi
16 Sept 2026 10:11 AM IST

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सऊदी अरब पर हमले
नई दिल्ली: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह के हमले स्वीकार्य नहीं हैं। भारत ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है।
हाल के दिनों में यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के अलग-अलग ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। 15 सितंबर को हूतियों ने खामिस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस की ओर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागने का दावा किया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने खामिस मुशैत, आभा और ताइफ पर मिसाइल तथा ड्रोन हमलों की पुष्टि की और इनमें 13 लोगों के घायल होने की जानकारी दी।
भारत के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में नागरिकों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। भारत का रुख रहा है कि नागरिक एवं कारोबारी ढांचे को निशाना बनाने वाली कार्रवाइयां स्वीकार्य नहीं हैं और संघर्ष को और बढ़ने से रोकना जरूरी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के बीच हाल में हुई बातचीत में भी क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी। हूती हमलों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव का मुद्दा इस बातचीत का हिस्सा रहा।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ता टकराव केवल दोनों पक्षों तक सीमित मुद्दा नहीं है। यमन के पास स्थित बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग है। लाल सागर से गुजरने वाले जहाज इसी क्षेत्र के रास्ते आगे बढ़ते हैं। इसलिए यहां सुरक्षा स्थिति बिगड़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। भारत के लिए भी लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारतीय व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के साथ निर्बाध समुद्री व्यापार नई दिल्ली की प्रमुख चिंताओं में शामिल है। भारत पहले भी यमन संघर्ष का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान निकालने तथा तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।
मौजूदा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है। हूती हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाइयों के कारण यमन और आसपास के क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ने का खतरा है। भारत ने अपने रुख में नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमलों का विरोध करते हुए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है। आने वाले दिनों में हूती और सऊदी पक्ष की कार्रवाइयों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।
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